विचार | THOUGHT


1.यदि कोई व्यक्ति किसी गुफा में बैठकर विचारो का सृजन करे और वही मृत्यु को प्राप्त हो जाये 
तो निश्चित ही वे विचार उस गुफा को तोड़कर  बहार आजायेंगे  और सम्पूर्ण विश्व  को प्रभावित करेंगे |
सत्य है मनुष्य जन्म लेता है और एक दिन संसार से विदा भी लेता है | कुछ पीछे  रह जाते है ,तो विचार |
कोई व्यक्ति महान नहीं होता ,महान होते है तो बस विचार|
जीवन की वास्तविकता और सार्थकता भी इन विचारो में ही है ,इसलिए हर क्षण ,हर पल विचार जन्म लेते रहे ,यही सृजन है ...
परम शक्ति है ,विकास है, विस्तार है ..

-स्वामी विवेकानंद


2.विवेकपूर्वक कर्म ही मानव की विशेषता है | अविवेकपूर्वक किये कर्म की सफलता काकतालीय न्यायवाली ( काक के बैठने से ताड़ का गिर जाने जैसी ) आकस्मिक घटना है | न तो अविवेकपूर्वक कर्म करने में और ना ही कराने में कल्याण है | किन्तु शिक्षा और विवेकपूर्वक कर्म करने में ही मानव का कल्याण है | अविवेकपूर्वक कर्म करने से काम अधुरा रह जाता है और अनिष्ट हो जाता है |















निवेदन: कृपया अपने comments के मध्यम से बताएं कि विचार- Quotes  आपको कैसा लगा.

0 comments:

Post a Comment

More

Whats Hot